4th & 5th April 2022 Current Affairs

4th & 5th April 2022 Current Affairs

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यह 4th & 5th April 2022 का करेंट अफेयर्स है, जो आपके कांपटीटिव एग्‍जाम्‍स में मदद करेगा। इसका PDF Download Link इस पेज के लास्‍ट में मौजूद है। Current Affairs PDF आप इस पेज के आखिरी हिस्‍से से Free में डाउनलोड करें।

1. कोविड-19 के नए वेरिएंट का नाम बताएं, जिसे WHO ने अब तक का सबसे ज्‍यादा संक्रामक बताया?

a. XE
b. BA
c. BA
d. RK

Answer: a. XE

– WHO के मुताबिक ओमिक्रॉन का एक नया XE वैरिएंट आया है, जो ओमिक्रॉन के पुराने वेरिएंट से 43% ज्यादा तेजी से फैलने वाला है।
– हालांकि, WHO ने कहा कि जब तक इस वैरिएंट के ट्रांसमिशन में कोई खास बदलाव नहीं देखा जाता, तब तक इसे ओमिक्रॉन के वैरिएंट के तौर पर ही देखा जाएगा।

ब्रिटेन में मिला था पहला केस
– ओमिक्रॉन के XE वैरिएंट का पहला केस 19 जनवरी को ब्रिटेन में मिला था।
– तब से अब तक इस वैरिएंट के 600 से ज्यादा मामला मिल चुके हैं।
– इसके अलावा ये वैरिएंट फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम में भी पाया गया है।
– ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, XE वैरिएंट कितना खतरनाक है या इस पर वैक्सीन काम करेगी या नहीं, इसके लिए अभी पर्याप्त डेटा नहीं मिला है।

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2. कितने वर्षों के बाद भारत-नेपाल के बीच रेल सेवा दो अप्रैल 2022 को शुरू हुई?

a. पांच
b. छह
c. सात
d. आठ

Answer: d. आठ

– भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा ने दो अप्रैल 2022 को वर्चुअल समारोह में हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया।
– यह वर्चुअल समारोह दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित हुआ।
– यह ट्रेन जयनगर से जनकपुर जाएगी।
– नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा ने 1 से 3 अप्रैल तक भारत यात्रा की।

कब और क्‍यों बंद हुई थी रेल सेवा
– 2014 से जयनगर-जनकपुर के बीच ट्रेनों का परिचालन बंद रहा।
– दरअसल, उस वक्‍त तक नेपाली नैरो गेज ट्रेन चली। हालांकि ट्रेनों का सफर काफी लंबा होने की वजह से कोयले की खपत ज्यादा होती थी।
– कोयले से चलने वाली ट्रेन काफी छोटी होती थी। इसकी वजह से लोग खिड़की और दरवाजों पर लटक कर सफर करते थे।
– ऐसे ही कई कारणों की वजह से ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था।

800 करोड़ से नई रेल लाइन का निर्माण
– नई रेल लाइन के निर्माण में करीब 800 करोड़ रुपए की लागत आई है।

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3. भारत के रुपे कार्ड को जारी करने वाला नेपाल, दुनिया का कौन सा वां देश (भारत के बाहर) बना?

a. पहला
b. दूसरा
c. तीसरा
d. चौथा

Answer: d. चौथा

– इससे पहले भारतीय इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली रुपे कार्ड को भूटान, सिंगापुर और UAE जारी कर चुके हैं।
– भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा ने संयुक्‍त रूप से 2 अप्रैल 2022 को रुपे कार्ड को नेपाल में प्रयोग के लिए जारी किया।
– पे कार्ड योजना को वर्ष 2012 में RBI के भुगतान की घरेलू, खुली और बहुपक्षीय प्रणाली के दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में शुरू किया था।

नेपाल में मार्च में भीम-यूपीआई शुरू हुआ
– इससे पहले मार्च 2022 में नेपाल ने भारत द्वारा विकसित एकीकृत भुगतान इंटरफेस का इस्तेमाल शुरू किया।
– भारत में यूपीआई की शुरुआत 2016 में हुई थी।

चीन के लिए बड़ा झटका
– चीन वहां अपना अली पे ऐप को चलाना चाह रहा था जो भीम यूपीआई जैसा ऐप है।
– इस मामले में भारत की कूटनीति काम आई और रुपे को वहां लॉन्च कर दिया गया है।
– यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि नेपाल की अर्थव्यवस्था के डिजिटल होने में रुपे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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4. नेपाल के पीएम ने भारत यात्रा के दौरान पंचेश्वर डैम परियोजना में तेजी लाने पर सहमति जताई। यह प्रोजेक्‍ट किस भारतीय राज्‍य से जुड़ी अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा पर है?

a. उत्‍तराखंड
b. उत्‍तर प्रदेश
c. बिहार
d. सिक्किम

Answer: a. उत्‍तराखंड

– यह प्रोजेक्‍ट उत्‍तराखंड के चंपावत जिले में लंबित है।
– यह डैम काली नदी पर बनाया जा रहा है।
– यह भारत और नेपाल की सामूहिक परियोजना है, जिसमें भारत का शेयर अधिक है।
– इस बांध को भारत का सबसे ऊंचा बांध भी बताया जा रहा है।

इस परियोजना में कुल 6,720 मेगावाट क्षमता के दो डैम प्रस्तावित हैं –
1. पंचेश्वर डैम (काली और सरयू के संगम पर) : 6480 मेगावाट क्षमता
2. रूपालिगाड डैम (काली और रूपालिगाड पर) : 240 मेगावाट

पांच दशक से लंबित परियोजना
– इस परियोजना की प्रस्तावना पांच दशक पुरानी है।
– नेपाल इस परियोजना को लेकर अलग-अलग समय पर लचीला रुख अपनाता रहा है। इस वजह से इसमें देर हो रही है।
– वर्ष 2014 में दोनों देशों की सरकारों ने परियोजना के लिए पंचेश्वर विकास प्राधिकरण बनाया।
– इसपर डीपीआर बनाई गई है।

सीमा विवाद पर राजनीति न करने की बात
– नेपाल के पीएम के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा है तथा इससे जुड़े विवादों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। नेपाल के प्रधानमंत्री भी इससे सहमत दिखे हैं

भारत – नेपाल के बीच संबंध में उतार चढ़ाव
– नेपाल में पिछली कम्युनिस्ट सरकार के दौरान रिश्तों में तल्खी की वजह नेपाल का सीमा पर कुछ स्थानों जैसे लिपुलेख, कालापानी आदि को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावा करना और उनके नक्शे जारी करना था।
– तब इसके पीछे यही समझा गया कि कम्युनिस्ट सरकार चीन के इशारे पर खेल रही है क्योंकि जिस प्रकार से मुद्दों का राजनीतिकरण किया गया वह बेहद चौंकाने वाला था।

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5. असम-मेघालय ने 50 साल पुराने किस विवाद को सुलझाने के लिए एग्रीमेंट पर साइन किया?

a. अंतरराज्यीय सीमा विवाद
b. अधिवास विवाद
c. प्रवासी विवाद
d. भाषाई विवाद

Answer: a. अंतरराज्यीय सीमा विवाद

– असम और मेघालय के बीच 29 मार्च 2022 समझौता किया।
– इस दौरान 885 किलोमीटर की सीमा के 12 सेक्टरों में से छह में सीमा विवाद को सुलझाया गया।
– असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए।
– दोनों राज्यों ने जून 2021 में तीन-तीन क्षेत्रीय समितियों का गठन करके सीमा विवाद को हल करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए “गिव-एंड-टेक” नीति अपनाई थी।

एग्रीमेंट में कौन से मामले सुलझे?
– इस एग्रीमेंट के तहत असम और मेघालय के बीच 12 में से छह मुद्दों का निपटारा हो चुका है और दोनों राज्यों के बीच की लगभग 70 प्रतिशत बॉर्डर विवाद मुक्त हो गया है।
– इसमें असम को 18.51 वर्ग किमी और मेघालय को 18.28 वर्ग किमी का पूर्ण नियंत्रण मिलेगा।

अब इसके आगे क्या?
– अधिकारियों के अनुसार अगले कदम में दोनों सरकारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सीमा का परिसीमन (delineation) और सीमांकन (demarcation) शामिल होगा।
– इसके बाद इसे संसद में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

असम-मेघालय सीमा विवाद
– ब्रिटिश शासन के दौरान, अविभाजित असम में नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और मिजोरम शामिल थे।
– मेघालय को 1972 में असम से अलग कर बनाया गया था।
– 1969 के असम रिऑर्गेनाइजेशन (मेघालय) अधिनियम के अनुसार इसकी सीमाओं का सीमांकन (demarcation) किया गया।
– तब से सीमा की एक अलग व्याख्या की गई थी।
– इसी सीमा के अधिकार क्षेत्र को लेकर दोनों राज्यों में हमेशा विवाद रहता है।

असम का इन राज्यों से भी है विवाद
– मेघालय के अलावा, असम का अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड के साथ भी सीमा विवाद है।

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6. यूनेस्‍को ने मेघालय के किस ब्रिज को वर्ल्‍ड हेरिटेज की अस्‍थाई सूची में शामिल किया?

a. केबल आर्च ब्रिज
b. लीविंग रूट ब्रिज
c. यलो सिंगल ब्रिज
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: b. लीविंग रूट ब्रिज

– दरअसल, मेघालय के ग्रामीण जलाशयों के दोनों किनारों पर मौजूद ‘फिकस इलास्टिका’ (ficus elastica) पेड़ों की जड़ों को इस तरह से शुरुआत में ही उलझा देते हैं कि पुल बन जाता है।
– इसमें लगभग 10 से 15 साल का वक्‍त लगता है।
– इस दौरान आपस में मजबूती से उलझी हुई पेड़ों की जड़ों पर पुल बना दिया जाता है।
– इस समय राज्य के 72 गांवों में लगभग 100 ज्ञात जीवित रूट ब्रिज फैले हैं।

– प्रकृति के एक साथ बिना उसे नुकसान पहुंचाए रहने और उपयोग करने की मेघालय की एक बेहतरीन परंपरा को अब यूनेस्को ने भी मान्यता दी है।
– मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा का कहना है कि यह मेघायल के लिए गौरव की बात है।

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7. 3rd नेशनल वॉटर अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्‍ठ राज्‍य का प्रथम पुरस्‍कार किसे मिला?

a. उत्तर प्रदेश
b. तमिलनाडु
c. राजस्थान
d. कर्नाटक

Answer: a. उत्तर प्रदेश

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 29 मार्च 2022 को थर्ड नेशनल वॉटर अवॉर्ड्स वितरित किए।

बेस्‍ट स्‍टेट
1. उत्‍तर प्रदेश
2. राजस्‍थान
3. तमिलनाडु

सर्वश्रेष्‍ठ जिला
– उत्‍तर क्षेत्र (north zone) : मुजफ्फरनगर (UP)
– दक्षिण क्षेत्र (south zone) : तिरुवनंतपुरम (केरल)
– पूर्वी क्षेत्र (east zone) : पूर्वी चंपारण (बिहार)
– पश्चिम क्षेत्र (West Zone) : इंदौर (MP)

नेशनल वॉटर अवॉर्ड्स
– केंद्र सरकार ने यह अवॉर्ड वर्ष 2007 में शुरू किया था।
– इसका उद्देश्‍य गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), ग्राम पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, जल उपयोगकर्ता संघों, संस्थानों, कॉर्पोरेट क्षेत्र, व्यक्तियों आदि सहित सभी हितधारकों को जलसंरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।

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8. राष्‍ट्रपति ने ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन अभियान 2022’ की शुरुआत की, यह किस मंत्रालय के अंतर्गत है?

a. पर्यावरण एवं वन मंत्रालय
b. ग्रामीण विकास मंत्रालय
c. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय
d. जलशक्ति मंत्रालय

Answer: d. जलशक्ति मंत्रालय

– इसका उद्देश्‍य वर्षा जल को संरक्षित करना है।
– इससे पहले वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन 2021’ अभियान को शुरू किया था।

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9. जल शक्ति मंत्रालय ने सुजलाम 2.0 अभियान की शुरुआत मार्च 2022 में की, इसका उद्देश्‍य बताएं?

a. वर्षा जल संरक्षण
b. ग्रे वाटर का प्रबंधन
c. पेयजल प्रबंधन
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: b. ग्रे वाटर का प्रबंधन

– केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सुजलाम (Sujlam) 2.0 अभियान की शुरुआत की।
– यह अभियान विश्‍व जल दिवस 2022 (23 मार्च) को शुरू किया गया।
– यह एक राष्‍ट्रव्‍यापी अभियान है।

उद्देश्‍य
– इसका उद्देश्‍य लोगों की भागीदारी के माध्‍यम से ग्रे-वाटर का मैनेजमेंट करना है।

ग्रे-वॉटर क्‍या है?
– ग्रे-वॉटर, मूल रूप से वह जल है, जो रसोई, बाथरूम और साफ-सफाई जैसे घरेलू कामों उपयोग के बाद अपशिष्‍ट के रूप में निकलता है।
– यह जल गंदगीमुक्‍त होता है और इसमें शौचालयों से निकला काला जल शामिल नहीं होता है।
– अगर इस पानी को ट्रीटमेंट किए बिना छोड़ दिया जाए तो यह बीमारियां भी पैदा कर सकता है।
– इससे पहले सुजलम 1.0 कैंपेन की शुरुआत अगस्‍त 2021 में हुई थी।

अभियान के तहत क्‍या होगा
– इसके तहत 6 लाख गांवों में ठोस और तरल अपशिष्‍ट प्रबंधन पर गतिविधियां तेज की जाएंगी।
– यह अभियान पंचायत घर, स्‍वास्‍थ्‍य सुवधिाओं, स्‍कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों (AWCs) आदि में ग्रे-वाटर मैनेजमेंट इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर निर्माण पर फोकस करेगा।
– दरअसल, ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट से भूजल स्‍तर को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी।

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10. पांचवें बिम्‍सटेक शिखर सम्‍मेलन की मेजबानी मार्च 2022 में किस देश ने की?

a. भारत
b. चीन
c. भूटान
d. श्रीलंका

Answer: d. श्रीलंका

– श्रीलंका ने 30 मार्च 2022 को 5th BIMSTEC समिट की मेजबानी की।
– इस समिट की मेजबानी वर्चुअल मोड में की गई।
– पीएम मोदी ने भी वर्चुअल मोड इस समिट में हिस्सा लिया।
– 5th BIMSTEC समिट से पहले, वरिष्ठ अधिकारी और विदेश मंत्री स्तर पर तैयारी बैठकें (preparatory meetings) 28 और 29 मार्च को कोलंबो में हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई थीं।
– इसबार के समिट की थीम ‘टूवर्ड्स ए रेजीलियंट रीजन, प्रॉस्पेरस इकोनॉमीज़, हेल्दी पीपुल’ (Towards a Resilient Region,Prosperous Economies, Healthy People) थी।

समिट में किन मुद्दो पर बात हुई?
– समिट में BIMSTEC कनेक्टीविटी एजेंडा को पूरा करने की प्रगति का जायजा लिया गया।
-‘मास्टरप्लान फॉर ट्रांसपोर्ट कनेक्टीविटी ’ पर विचार किया गया, जिसके तहत भविष्य में इस इलाके में कनेक्टीविटी सम्बंधी गतिविधियों का फ्रेमवर्क तैयार करने के दिशा-निर्देश दिए गए।
– इसके अलावा BIMSTEC के प्रयासों से सहयोगी गतिविधियों को विकसित करने पर बात हुई।
– ताकि सदस्य देशों के आर्थिक तथा विकास पर कोविड-19 महामारी के दुष्प्रभावों से निपटा जा सके।
– इस समिट का प्रमुख कदम बिम्सटेक चार्टर पर हस्ताक्षर करना और उसे मंजूरी देना रहा।
– इस चार्टर के तहत उन सदस्य देशों के संगठन को आकार देना है, जो बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित हैं तथा उस पर निर्भर हैं।

पीएम मोदी ने क्या कहा?
– पीएम मोदी ने BIMSTEC रिजनल कनेक्टीविटी, कोऑपरेशन एंड सिक्योरिटी पर जोर दिया और इसके अलावा इन मुद्दो पर कई सुझाव दिए।
– मोदी ने अपने समकक्ष राष्ट्राध्यक्षों से कहा कि वे बंगाल की खाड़ी को बिम्सटेक सदस्य देशों के बीच संपर्कता, समृद्धि और सुरक्षा में बदलने का प्रयास करें।

तीन मुख्य BIMSTEC एग्रीमेंट
– इस समिट में पीएम मोदी ने अन्य नेताओं के साथ तीन मुख्य BIMSTEC एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए।

साइन किए तीन एग्रीमेंट
(1). आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता पर बिम्सटेक समझौता, (BIMSTEC Convention on Mutual Legal Assistance in Criminal Matters)
(2). राजनयिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर बिम्सटेक समझौता-ज्ञापन (BIMSTEC Memorandum of Understanding on Mutual Cooperation in the field of Diplomatic Training)
(3). बिम्सटेक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुविधा की प्रतिस्थापना के लिये प्रबंध-पत्र (Memorandum of Association on Establishment of BIMSTEC Technology Transfer Facility)

BIMSTEC के बारें में
– BIMSTEC में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देश शामिल हैं।
– इसका लक्ष्य दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच एक संगठन के रूप में कार्य करना है।
– इस संगठन का गठन वर्ष 1997 में BIST-EC (बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड आर्थिक सहयोग) के रूप में हुआ।
– म्यांमार के शामिल होने के बाद यह BIMST-EC बना।
– वर्ष 2004 में नेपाल और भूटान को शामिल करने के साथ यह BIMSTEC बन गया।
– अब इमसें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
– BIMSTEC का नेतृत्व देशों के नाम के रोटेशन के आधार पर किया जाता है।
– BIMSTEC का सचिवालय ढाका, बांग्लादेश में है।

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11. टाटा के सुपर ऐप का नाम बताइये जो अप्रैल 2022 में लांच होने वाला है?

a. टाटा न्यू
b. टाटा प्ले
c. टाटा प्ले 4+
d. टाटा स्काई

Answer: a. टाटा न्यू

– टाटा ग्रुप की सुपर ऐप टाटा न्यू 07 अप्रैल 2022 को लांच होने वाला है।
– इस बात की घोषणा कंपनी ने गूगल प्ले स्टोर पर एक टीजर इमेज से की।

टाटा न्यू
– टाटा न्यू इस समूह का सुपर ऐप है जो अपनी सभी डिजिटल सेवाओं और ऐप्स को एक प्लेटफॉर्म पर एक साथ लाएगा।
– टाटा समूह की विभिन्न डिजिटल सेवाएं जैसे एयरएशिया इंडिया, एअर इंडिया पर फ्लाइट टिकट बुक करना या ताज समूह की संपत्तियों पर होटल बुक करना, बिगबास्केट से किराने का सामान ऑर्डर करना, 1mg से दवाएं, या क्रोमा से इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना और वेस्टसाइड से कपड़े टाटा न्यू ऐप के माध्यम से संभव होगा।

सुपर ऐप्स
– सुपर ऐप एक कंपनी द्वारा विकसित एक ऐप है जो एक ही प्लेटफॉर्म पर विभिन्न सेवाएं प्रदान करता है।

भारत में कितनी सुपर ऐप्स हैं?
– अमेज़ॅन, पेटीएम, रिलायंस जियो जैसे कई अन्य इंटरनेट समूह ने सुपर ऐप्स के अपने संस्करण बनाए हैं।
– इन ऐप पर वे भुगतान, कंटेट स्ट्रीमिंग, खरीदारी, यात्रा बुकिंग, किराने का सामान इत्यादि जैसी सेवाओं का प्रदान करते हैं।

भारतीय कंपनिया क्यों सुपर ऐप्स बनाना चाहती है?
– भारत पहले से ही एक ऐसा बाजार बन चुका है जहां पहली बार इंटरनेट का अनुभव करने वाले अधिकांश लोग अपने मोबाइल फोन पर लेनदेन कर रहे हैं।
– यह एक मुख्य कारण है कि भारतीय कंपनियां सुपर ऐप बनाने पर विचार कर रही हैं।
– एक ही स्थान पर सेवाओं के समेकन के कारण बढ़ा हुआ रेवन्यू जनरेशन और इसके अलावा, ऐसे ऐप कंपनियों को उपभोक्ता डेटा के बड़े हिस्से भी प्रदान करते हैं।
– इनका उपयोग उपयोगकर्ता के व्यवहार के बारे में अधिक जानने के लिए भी किया जा सकता है।


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