23 September 2022 Current Affairs

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1. किस मुस्लिम देश में हिजाब की अनिवार्यता के खिलाफ महिलाएं राष्‍ट्रव्‍यापी प्रदर्शन कर रही है और इस दौरान कइयों की मौत हो गई?

a. तुर्किये
b. ईरान
c. मिस्र
d. सऊदी अरब

Answer: b. ईरान

Anti-hijab protest in Iran
– ईरान में 1970 के दशक में महिलाएं स्‍कर्ट पहनती थी।
– लेकिन, 1979 की इस्‍लामी क्रांति के बाद महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य कर दिया गया।
– इसके विरोध में कुछ सालों के अंतराल में विरोध-प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन इस बार सितंबर 2022 में विरोध ऐतिहासिक है।
– ईरान में राष्‍ट्रव्‍यापी विरोध- प्रदर्शन हो रहे हैं।
– महिलाएं सड़कों पर हैं और हिजाब और बुर्का जला रही हैं।
– इस दौरान सुरक्षाबलों से हुई झड़पों में अब तक करीब 40 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है।
– ये महिलाएं अपने बाल काटते हुए वीडियो बना रही हैं।
– इनकी डिमांड हिजाब की अन‍िवार्यता को खत्‍म करना है।

अचानक क्‍यों भड़का एंटी-हिजाब प्रोटेस्‍ट
– वजह है मोरैलिटी पुलिस की पिटाई से 22 साल की महिला महसा अमीनी की मौत (सितंबर 2022 में) हो गई।
– उसका कसूर सिर्फ इतना कि उसने ठीक तरीके से हिजाब नहीं पहना था।
– ईरान में पुलिस ने महसा अमीनी को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद मौत हो गई।
– हालांकि ईरानी पुलिस का कहना है कि, मौत हार्ट अटैक से हुई। लेकिन महिलाएं इसे हिजाब पर प्रतिबंध का नतीजा बता रही हैं।

विरोध कितना बड़ा?
– न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक देश के 50 से ज्यादा शहरों में महिलाएं धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। इनका साथ पुरुष दे रहे हैं।
– इस दौरान सुरक्षाबलों से हुई झड़पों में अब तक करीब 40 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है।
– सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के लिए रिहायशी बिल्डिंगों में भी छापेमारी कर रहे हैं।
– उत्तरी ईरान के बाबोल के उग्र लोगों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के होर्डिंग में आग लगा दी।

इस्लामी क्रांति से पहले महिलाओं की हालत
– 1925 में ईरान में पहलवी वंश का शासन आया।
– इसके पहले शासक ‘रजा शाह’ थे। अमेरिका और ब्रिटेन से प्रभावित थे।
– उन्‍होंने 1936 में ‘कश्फ-ए-हिजाब’ लागू किया।
– इसका मतलब कि, अगर कोई महिला हिजाब पहनेगी तो पुलिस को हिजाब हटाने का अधिकार है।
– 1941 में रजा शाह के बेटे मोहम्‍मद रजा शाह ने शासन संभाला।
– उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर, महिलाओं को अपनी पसंद की ड्रेस पहनने की अनुमति दी।
– महिलाओं की हालत सुधारने के लिए कई बड़े फैसले किए।
– 1963 में मोहम्मद रजा शाह ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया और संसद के लिए महिलाएं भी चुनी जानें लगीं।
– 1967 में ईरान के पर्सनल लॉ में भी सुधार किया गया जिसमें महिलाओं को बराबरी के हक मिले।
– लड़कियों की शादी की उम्र 13 से बढ़ाकर 18 साल कर दी गई। साथ ही अबॉर्शन को कानूनी अधिकार बनाया गया।
– 1970 के दशक तक ईरान की यूनिवर्सिटी में लड़कियों की हिस्सेदारी 30% थी।
– युवतियां, स्‍कर्ट पहनकर कॉलेज जाती थीं।

इस्‍लामिक क्रांति के बाद महिलाओं पर कई पाबंदी
– शियाओं के धार्मिक नेता आयतोल्लाह रुहोल्ला खोमैनी ने ईरान के शाह की नीतियों का विरोध किया।
– 1979 में शाह रजा पहलवी को देश छोड़कर जाना पड़ा और ईरान इस्लामिक रिपब्लिक हो गया।
– खोमैनी को ईरान का सुप्रीम लीडर बना दिया गया।
– इसके बाद महिलाओं के अधिकारों पर चाबुक चला।
– 1981 में हिजाब अनिवार्य किया गया।
– कॉस्मेटिक्स पर बैन लगा दिया गया।
– धार्मिक पुलिस ने महिलाओं की लिपस्टिक को हटाना शुरू कर दिया।
– इस्लामिक सरकार ने 1967 के फैमिली प्रोटेक्शन लॉ के सुधार खत्म कर दिए, जिसमें महिलाओं को बराबरी के हक मिले थे।
– लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से घटाकर 9 साल कर दी गई।
– हालांकि खोमैनी की मौत के बाद ईरान के तत्‍कालीन राष्ट्रपति रफसंजानी ने उन कड़े कानूनों में थोड़ी छूट दी और औरतों की शिक्षा पर फोकस बरकरार रखा।

ईरान
– सर्वोच्‍च नेता : अली खुमैनी
– राष्‍ट्रपति : इब्राहिम रईसी
– राजधानी : तेहरान

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2. किस उद्योगपति को पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट का नया ट्रस्‍टी बनाया गया?

a. अजीम प्रेमजी
b. आनंद महिंद्रा
c. रतन टाटा
d. मुकेश अंबानी

Answer: c. रतन टाटा

– पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट के नए ट्रस्टियों के नाम की घोषणा 21 सितंबर को हुई।
– नए ट्रस्‍टी : उद्योगपति रतन टाटा, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस केटी थॉमस, पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष करिया मुंडा हैं।
– पहले से ट्रस्‍ट के ट्रस्‍टी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृहमंत्री अमित शाह, डिफेंस मिनिस्‍टर राजनाथ सिंह
– प्रधानमंत्री इस ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष होते हैं।
– पीएम केयर्स फंड की शुरुआत 28 मार्च 2020 को की गई थी।
– इस फंड के जरिए सरकार का मकसद कोविड-19 जैसी आपातकालीन और संकट की स्थिति में राहत मुहैया कराना है।

सलाहकार बोर्ड भी बना
– इसमें कई मशहूर शख्सियतों को शामिल किया गया।
– इनमें भारत के पूर्व CAG राजीव महर्षि, इन्फोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष सुधा मूर्ति, टीच फॉर इंडिया के सह-संस्थापक और इंडिकॉर्प्स और पीरामल फाउंडेशन के पूर्व सीईओ आनंद शाह शामिल हैं।

टस्‍ट्र को कितने रुपए दान में मिला
2019-20 : 3,076.62 करोड़
2020-21 : 7,013.99 करोड़
– इस ट्रस्‍ट में दी जाने वाली हर रकम आयकर से पूरी तरह मुक्त है।​​​

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3. किस भारतीय पत्रकार पर आधारित डॉक्‍यूमेंट्री ‘While We Watched’ को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल 2022 में ‘एंप्लीफाय वॉइसेज़ अवॉर्ड’ जीता?

a. सुधीर चौधरी
b. रवीश कुमार
c. बरखा दत्त
d. श्याम सिंह मीरा

Answer: b. रवीश कुमार

– ‘While We Watched’ डॉक्यूमेंट्री का हिंदी नाम- ‘नमस्कार! मैं रवीश कुमार’ है।

– टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, कनाडा में 08 – 18 सितंबर 2022 को आयोजित हुआ।
– NDTV के पत्रकार रवीश कुमार पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘वाइल वी वॉच्ड’ ने एंप्लीफाय वॉइसेज़ अवॉर्ड जीता है।
– इस डॉक्यूमेंट्री में रवीश के बतौर पत्रकार कामकाज को दिखाया गया है।

‘वाइल वी वॉच्ड’ (While We Watched)
– यह डॉक्यूमेंट्री 94 मिनट की है।
– इस डॉक्यूमेंट्री को यूके प्रोडक्शन के लोनो स्टूडियो एंड ब्रिटडोक फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है।
– इस डॉक्‍यूमेंट्री के डायरेक्‍टर विनय शुक्ला हैं।

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4. सुप्रीम कोर्ट ने किस बात को लेकर टीवी न्यूज़ चैनलों को फटकार लगाई और केंद्र सरकार से पूछा कि वह क्यों मूक दर्शक बनी हुई?

a. फेक न्यूज
b. हेट स्पीच
c. टीआरपी
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: b. हेट स्पीच (नफरत भरी भाषा बोलना)

– सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर 2022 को हेट स्पीच से भरे टॉक शो और रिपोर्ट टेलीकास्ट करने पर टीवी चैनलों पर तीखी टिप्पणी की।
– हेट स्पीच से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बेंच ने बुधवार को कहा कि यह एंकर की जिम्मेदारी है कि वह किसी को नफरत भरी भाषा बोलने से रोके।
– सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि वह क्यों मूक दर्शक बनी हुई है जब यह सब चल रहा है।
– कोर्ट ने कहा कि मेनस्ट्रीम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर कंटेंट काफी हद तक अनियंत्रित है।
– हेट स्पीच या तो मेन स्ट्रीम टीवी के जरिये या फिर सोशल मीडिया के जरिये आ रहा है।
– मेन स्ट्रीम मीडिया में कम से कम एंकर का रोल अहम है।
– जैसे ही कोई हेट स्पीच देने की कोशिश करता है एंकर की ड्यूटी है कि उसे तुरंत रोक दे।
– टीवी पर, हेट स्पीच को रोकना एंकरों का कर्तव्य है।
– जस्टिस के.एम. जोसफ ने कहा, “हम नफरत को हवा नहीं दे सकते।”
– अदालत ने आश्चर्य जताया कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में फैलाई जाने वाली नफरत पर चुप क्यों रहती है।

कोर्ट ने और क्या कहा?
– कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी आवश्यक है।
– लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि टीवी पर हेट स्पीच का प्रयोग होगा।
– कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने पर यूनाइटेड किंगडम (UK) के एक टीवी चैनल पर भारी जुर्माना लगाया गया था।

कोर्ट ने सरकार से हस्तक्षेप करने को कहा
– कोर्ट ने सरकार से टीवी चैनलों पर बढ़ती हेट स्पीच के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
– कोर्ट ने कहा सरकार को इस मामले में चुप नहीं बैठना चाहिए और कोर्ट की मदद करनी चाहिए।

हेट स्पीच से नेताओं को फायदा
– कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच से राजनेताओं को काफी फायदा होता है।
– टीवी चैनल इस हेट स्पीच को बढ़ाने के लिए राजनेताओं को एक प्लेटफार्म देने का काम करते है।
– सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े ने कहा कि राजनेताओं की हेट स्पीच से ही यह टीवी चैनल चल रहे है।
– हेट स्पीच से टीआरपी बढ़ती है और टीवी चैनलों को पैसा मिलता है, इसलिए वह ऐसे लोगों को शो में बुलाते है।

हेट स्पीच पर अगली सुनवाई नवंबर में
– हेट स्पीच के मामले पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 23 नवंबर 2022 की तारीख तय की है।

हेट स्पीच क्या है?
– ‘हेट स्पीच’ की कोई विशिष्ट कानूनी परिभाषा नहीं है।
– कानून में प्रावधान भाषणों, लेखन, कार्यों, जो हिंसा को भड़काते हैं और समुदायों और समूहों के बीच दुश्मनी फैलाते हैं और इन्हें ‘हेट स्पीच’ के रूप में समझा जाता है।

हेट स्पीच के लिए भारत में क्या कानून
– इंडियन पीनल कोड की धारा 153A और 505 को आम तौर पर मुख्य दंड प्रावधानों के रूप में लिया जाता है।
– यह प्रावधान भड़काऊ भाषणों और हेट स्पीच को दंडित करने के लिए हैं।

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5. गृह मंत्रालय ने ‘आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022’ के नियमों को अधिसूचित किया, इसमें क्‍या प्रावधान हैं?

Answer: दोषी, गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए व्‍यक्ति का फिजिकल व बायोलॉजिक सैंपल लेने की अनुमति

– अंग्रेजी में इस कानून को कहेंगे – क्रिमिनल प्रोसीजर (आइडेंटिफिकेशन) एक्‍ट, 2022

क्रिमिनल प्रोसीजर (आइडेंटिफिकेशन) एक्‍ट, 2022
– इस एक्‍ट को संसद से पास होने के बाद अप्रैल 2022 में राष्‍ट्रपति ने मंजूरी दी थी।
– यह पुराने कानून ‘द आइडेंटिफिकेशन ऑफ प्रीजनर एक्ट,1920’ की जगह लाया गया था।
– नया कानून दोषी, गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के रेटिना और आईरिस स्कैन सहित फिजिकल और बायोलॉजिकल सैंपल लेने की अनुमति देता है।
– इस कानून के तहत, महिलाओं या बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले और सात साल की जेल पाने वाले दोषी या गिरफ्तार व्यक्तियों से बायोलॉजिकल सैंपल जबरन एकत्र किए जा सकते हैं।
– कानून में भी यह स्पष्ट किया गया है कि डाटा देने का विरोध करने या इन्कार करने को सरकारी अधिकारी के कामकाज में बाधा डालने का अपराध माना जाएगा।
– राज्यसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया था कि राजनीतिक बंदियों का बायोमेट्रिक डाटा एकत्रित नहीं किया जाएगा, लेकिन आपराधिक मामले में पकड़े जाने पर उन्हें सामान्य नागरिक की तरह माना जाएगा।

पुराना कानून – द आइडेंटिफिकेशन ऑफ प्रीजनर एक्ट,1920
– पुराने कानून के अंतर्गत एक मजिस्ट्रेट के आदेश पर गिरफ्तार व्यक्ति के उंगलियों के निशान, पैरों के निशान और तस्वीर ही ली जा सकती है।
– लेकिन अब नए कानून में फिजिकल और बायोलॉजिक सैंपल लेने का प्रावधान कर दिया गया है।

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6. भारत की किस स्वास्थ्य पहल (इनिशिएटिव) ने ‘UN इंटरएजेंसी टास्क फोर्स एंड WHO स्पेशल प्रोग्राम ऑन प्राइमरी हेल्थ केयर अवॉर्ड 2022’ जीता?

a. IHCI
b. PMSSY
c. RBSK
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: a. IHCI

– IHCI : इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव (भारत उच्च रक्तचाप नियंत्रण पहल)

– भारत की IHCI ने 21 सितंबर 2022 को ‘यूएन इंटरएजेंसी टास्क फोर्स एंड WHO स्पेशल प्रोग्राम ऑन प्राइमरी हेल्थ केयर अवॉर्ड 2022’ जीता।
– IHCI को प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली में अपने असाधारण कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।
– यह पुरस्कार (i) गैर-संक्रमणकारी रोगों (नॉन कम्‍युनिकेबल डिजीज) को रोकने व नियंत्रित करने और (ii) एकीकृत जन-केंद्रित प्राथमिक देखभाल (Integrated People-Centered Primary Care) प्रदान करने के क्षेत्र में भारत की उत्कृष्ट प्रतिबद्धता (excellent commitment) और कार्रवाई (action) के लिए मिला है।

IHCI (भारत उच्च रक्तचाप नियंत्रण पहल)
– IHCI की शुरुआत 2017 में की गई थी।
– इस पहल का लक्ष्य लोगों में हाईपरटेंशन पर नियंत्रण पाना है।
– IHCI, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है।
– इस पहल के तहत आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कल्याण केंद्र (HWCs) सहित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में हाइपरटेंशन के 34 लाख से अधिक मरीज इलाज करवा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन)
महासचिव- एंटोनियो गुटेरेस
मुख्यालय- न्यूयॉर्क, अमेरिका

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7. टाटा समूह ने ‘एअर इंडिया’ में इनमें से किस कंपनी के विलय की प्रक्रिया की तैयारी शुरू की?

a. विस्‍तारा
b. एयर एशिया इंडिया
c. एयर इंडिया एक्‍सप्रेस
d. उपरोक्‍त सभी

Answer: d. उपरोक्‍त सभी

– वर्तमान में, टाटा समूह चार एयरलाइनों का मालिक है – एयर इंडिया और इसकी सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस, साथ ही विस्तारा और एयरएशिया इंडिया में बहुमत का स्वामित्व है।
– अब टाटा समूह अपने सभी एयरलाइन कारोबार को एक ही एयरलाइन – ‘एअर इंडिया’ ब्रांड के तहत विलय करने की प्रक्रिया शुरू करने वाला है।
– कंपनी वर्ष 2024 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने की सोच रही है।

टाटा समूह के पास एयरलाइंस कंपनी
– टाटा समूह ने जनवरी 2022 में सरकार से एअर इंडिया और इसकी अंतरराष्ट्रीय इकाई एअर इंडिया एक्सप्रेस का नियंत्रण ले लिया था।
– एअर इंडिया को टाटा ग्रुप ने 18 हजार करोड़ में खरीदा था।
– टाटा समूह की एयरएशिया इंडिया में 83.67 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
– शेष 16.33 प्रतिशत हिस्सेदारी मलेशियाई समूह एयरएशिया के पास है।
– विस्तारा में टाटा संस की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी सिंगापुर एयरलाइंस के पास है।

एअर इंडिया
चेयरमैन – एन चंद्रशेखरन
सीईओ – कैंपवेल विल्‍सन

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8. वर्ल्‍ड अल्जाइमर्स डे कब मनाया जाता है?

a. 20 सितंबर
b. 21 सितंबर
c. 22 सितंबर
d. 23 सितंबर

Answer: b. 21 सितंबर

अल्जाइमर्स है क्या?
– इसके ज्‍यादातर मरीज 65 से ज्‍यादा उम्र के होते हैं।
– यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट करता है।
– इससे मरीज की निर्णय लेने की क्षमता घट जाती है।
– स्वभाव में बदलाव आता है और याददाश्त घटती है।
– जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है यह रोग भी बढ़ता है।
– रोगी को रोजमर्रा के कामों को भी करने में दिक्कतें होती हैं।
– अल्जाइमर्स उम्र के साथ बढ़ने वाला रोग है।

क्या इसका इलाज संभव है? 
– अभी तक कोई सटीक उपचार नहीं है।
– लक्षणों के आधार पर ही इसके बारे में पता लगाया जा सकता है।
– इसके लिए डॉक्टर मेंटल टेस्ट, सीटी स्कैन, एमआरआई से मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तन और उसके कारण दिखने वाले लक्षणों की जांच करते हैं।
– कुछ दवाओं और लक्षणों में सुधार कर इसके असर को कम किया जा सकता है।

अल्जाइमर्स नाम कैसे पड़ा?
– इस बीमारी का पहला केस 3 नवंबर 1906 को जर्मन मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अलोइस अल्जाइमर सामने लाए थे।
– इसलिए इस दिन का नाम अल्जाइमर्स डे पड़ा।

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9. भारत, UAE और फ्रांस के विदेश मंत्री स्‍तर की पहली त्रिपक्षीय बैठक किस शहर में आयोजित हुई?

a. दिल्‍ली
b. पेरिस
c. आबू धाबी
d. न्‍यूयॉर्क

Answer: d. न्‍यूयॉर्क

– यह त्रिपक्षीय मीटिंग, संयुक्‍त महासभा (UNGA) के 77वें से अलग हुई।
– तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सामरिक भागीदारों और UNSC सदस्यों के बीच विचारों के सक्रिय आदान-प्रदान पर चर्चा की।

भारतीय विदेश मंत्री – एस जयशंकर

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10. अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) कब मनाया जाता है?

a. 25 सितंबर
b. 24 सितंबर
c. 23 सितंबर
d. 22 सितंबर

Answer: c. 23 सितंबर

– संयुक्त राष्ट्र ने 23 सितंबर 2018 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस मनाने की घोषणा की थी।
– 23 सिंतबर 1951 को विश्व मूक फेडरेशन की स्थापना हुई थी।
– इसी दिन को यह दिवस मनाया जाता है।
– सांकेतिक भाषा (Sign Languages) का शुरुआती सबूत 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में प्लेटो की क्रेटीलस में मिलता है।
– जहां सुकरात कहते हैं कि “अगर हमारे पास आवाज या जुबान नहीं होती है और हम विचार व्यक्त करना चाहते हैं तो क्या हम अपने हाथों, सिर और शरीर के अन्य अंगों द्वारा संकेत करने की कोशिश करते हैं।
– इसका उद्देश्य सांकेतिक भाषा के सन्दर्भ में जागरूकता फैलाना है।


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