11 & 12 May 2022 Current Affairs

Spread the love

यह 11 & 12 May 2022 का करेंट अफेयर्स है, जो आपके कांपटीटिव एग्‍जाम्‍स में मदद करेगा। इसका PDF Download Link इस पेज के लास्‍ट में मौजूद है। Current Affairs PDF आप इस पेज के आखिरी हिस्‍से से Free में डाउनलोड करें।

1. सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून (IPC की धारा 124A) पर रोक लगा दी, अंग्रेजों ने यह कानून कब लागू किया था?

a. वर्ष 1857
b. वर्ष 1870
c. वर्ष 1880
d. वर्ष 1890

Answer: b. वर्ष 1870

इस मुद्दे पर प्रमुख सवाल और नीचे उसके जवाब
– राजद्रोह की परिभाषा?
– राजद्रोह मामले में सजा का प्रावधान?
– क्‍यों विवादित है राजद्रोह कानून
– कितने लोग जेल बंद?
– चर्चित नाम, जिनपर मुकदमा?
– सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश क्‍या है?
– किन जजों की पीठ का फैसला?
– कोर्ट में केंद्र सरकार ने क्‍या कहा?
– किसकी PIL पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई?
– क्‍या ब्रिटेन में भी है राजद्रोह कानून?

– सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई 2022 को IPC (भारतीय दंड संहित) की धारा 124A पर रोक लगा दी।
– यह राजद्रोह कानून (Sedition Law) है और अंग्रेजों ने 1870 में भारत में लागू किया था।
– सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में अंतरिम आदेश जारी किया है।
– कोर्ट ने कहा – राजद्रोह कानून को तब तक स्थगित रखा जाए, जब तक कि केंद्र सरकार इस प्रावधान पर पुनर्विचार नहीं करती।
– कानून बनने के 152 वर्षों में पहली बार देशद्रोह कानून के प्रोविजंस को सस्पेंड किया गया है।

किन जजों की पीठ ने अंतरिम फैसला दिया
– भारत के चीफ जस्टिस (CJI) एनवी रमाना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली।

पीठ ने आदेश में कहा,
– “हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें किसी भी प्राथमिकी दर्ज करने, जांच जारी रखने या आईपीसी की धारा 124 ए के तहत जबरन कदम उठाने से परहेज करेंगी।”
– जो लोग पहले से ही आईपीसी की धारा 124ए के तहत बुक (दर्ज FIR) हैं और जेल में हैं, वे जमानत के लिए संबंधित अदालतों का रुख कर सकते हैं।
– यदि कोई नया मामला दर्ज किया जाता है तो आरोपी पक्ष राहत के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं।
– अदालतों से अनुरोध किया जाता है कि वे अदालत द्वारा पारित आदेश को ध्यान में रखते हुए मांगी गई राहत की जांच करें।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने क्‍या कहा?
– सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि IPC की धारा 124-ए पर रोक न लगाई जाए।
– हालांकि, उन्होंने यह प्रस्ताव दिया है कि भविष्य में इस कानून के तहत FIR पुलिस अधीक्षक की जांच और सहमति के बाद ही दर्ज की जाए।
– लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर दिया।

किसकी PIL पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
– एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, TMC सांसद महुआ मोइत्रा समेत पांच पक्षों की तरफ से देशद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी।
– याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आज के समय में इस कानून की जरूरत नहीं है।

क्या है देशद्रोह की परिभाषा
– IPC के सेक्शन 124A में देशद्रोह की परिभाषा है।
– इसके अनुसार, अगर कोई व्यक्ति राष्ट्रीय चिन्हों या संविधान का अपमान या उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करता है या सरकार विरोधी सामग्री लिखता या बोलता है तो उसके खिलाफ IPC सेक्शन 124A के तहत देशद्रोह का केस दर्ज हो सकता है।
– ऐसा कोई भाषण या अभिव्यक्ति जो देश में सरकार के खिलाफ घृणा, उत्तेजना या असंतोष भड़काने का प्रयास करता है, वह भी देशद्रोह में आता है।
– अगर कोई व्यक्ति देश विरोधी संगठनों से जाने या अनजाने संबंध रखता है उन्हें किसी भी तरह का सहयोग देता है, तो भी वह देशद्रोह के दायरे में आता है।

मैकॉले ने बनाया था देशद्रोह कानून
– यह कानून अंग्रेजों ने 1870 में बनाया था।
– सेक्शन 124A को थॉमस मैकॉले ने ड्राफ्ट किया था, जिन्हें भारत में अंग्रेजी शिक्षा लाने का श्रेय जाता है।
– इसका सबसे पहले इस्तेमाल अंग्रेजों ने 1897 में स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक के खिलाफ किया था।

क्‍या है राजद्रोह मामले में सजा का प्रावधान
– दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 3 साल की जेल से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
– देशद्रोह गैर जमानती अपराध की कैटेगरी में आता है।
– देशद्रोह का दोषी पाया जाने वाला व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए अप्लाय नहीं कर सकता है।
– उसका पासपोर्ट भी रद्द हो जाता है।
– जरूरत पड़ने पर उसे कोर्ट में उपस्थित होना पड़ता है।

क्‍या ब्रिटेन में भी है राजद्रोह कानून
– भारत में देशद्रोह कानून बनाने वाले देश ब्रिटेन में राजद्रोह कानून को वर्ष 2009 में वहां की सरकार ने खत्‍म कर दिया।
– अभी भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में ये कानून लागू है।
– इन देशों में ईरान, अमेरिका, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया जैसे कई देश शामिल हैं।

विवादास्‍पद रहा है राजद्रोह कानून
– लगातार बढ़ते मुकदमों से आम धारणा यह बनी कि सरकार राजद्रोह कानून का उपयोग लोगों को जेल में रखने के लिए कर रही हैं।

कितने लोगों पर राजद्रोह का केस
– वर्ष 2010 से 2022 तक 13 हजार लोग राजद्रोह कानून के तहत अरेस्‍ट हो चुके हैं।
– वर्ष 2014 से 2019 के बीच राजद्रोह के मामले में 326 लोगों पर मुकदमा हुआ। इस दौरान सबसे ज्‍यादा 54 मुकदमे असम में दर्ज किए गए।
– कुल 326 में से मात्र 6 को ही दोषी ठहराया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई देशद्रोह कानून के इस्तेमाल पर रोक
– कोर्ट ने देशद्रोह कानून के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई थी।
– इसके बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से देशद्रोह कानून, यानी IPC के सेक्शन 124A के प्रोविजंस पर पुनर्विचार की इजाजत मांगी थी।

चर्चित नाम जिनपर राजद्रोह का मुकदमा
– सांसद नवनीत राणा (महाराष्‍ट्र में)
– JNUSU के पूर्व अध्‍यक्ष कन्हैया कुमार
– पत्रकार विनोद दुआ
– सांसद शशि थरूर
– पत्रकार सिद्दीक कप्पन
– पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि
– कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी
– नेता हार्दिक पटेल

—————
2. राजनीतिज्ञ पंडित सुखराम का निधन 11 मई 2022 को हो गया, वह किस अवधि तक चर्चित टेलीकॉम मिनिस्टर रहे?

a. वर्ष 1993-1996
b. वर्ष 1996-1999
c. वर्ष 2001-2005
d. वर्ष 2005-2007

Answer: a. वर्ष 1993-1996

– सुखराम 94 वर्ष के थे।
– वह हिमाचल प्रदेश से थे।

पंडित सुखराम
– उन्होंने ने अपना राजनीतिक सफर वर्ष 1963 में शुरु किया था।
– उन्होंने पांच बार राज्य विधानसभा चुनाव जीता और तीन बार संसदीय चुनाव जीता।
– वह नरसिम्हा राव की सरकार में वर्ष 1993-1996 तक देश के टेलीकॉम मिनिस्टर रहे।
– उन्हें टेलीकॉम मिनिस्टर (1996 में) के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार करने के लिए अदालत ने वर्ष 2011 में पांच साल की जेल की सजा सुनाई थी।

टेलीकॉम क्रांति लाने में भूमिका
– वर्ष 1993-1996 में देश में टेलीकॉम क्रांति लाने का श्रेय सुखराम को जाता है।
– वह इस अवधि में वह भारत में मोबाइल टेक्नोलॉजी को लेकर आए थे।
– भारत में मोबाइल कॉल पहली बार 31 जुलाई 1995 को की गई थी।

वर्ष 1996 का भ्रष्टाचार
– वर्ष 1996, सुखराम के घर पर सीबीआई के छापे पड़े।
– उनके घर से नोटों से भरे सूटकेस और बैग निकले।
– इस वक्त उनके पास चार करोड़ से अधिक रुपए मिले थे।
– वह इस पैसे का वैध स्रोत नहीं बता पाए थे।
– उनपर गैरकानूनी तरीके से प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामले सामने आए थे।

—————
3. संगीतकार पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन 10 मई 2022 को हो गया, वह किस वाद्य यंत्र को लेकर मशहूर थे?

a. संतूर
b. तबला
c. सारंगी
d. वीणा

Answer: a. संतूर

– उनका निधन कार्डियक अरेस्ट के चलते हुआ।
– वह 84 वर्ष के थे।
– किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे।

पंडित शिवकुमार शर्मा
– पं. शिवकुमार शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1938 को जम्मू में हुआ था।
– 13 साल की उम्र में उन्होंने संतूर सीखना शुरू किया।
– संतूर जम्मू-कश्मीर का लोक वाद्य यंत्र है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय पं. शिवकुमार को ही जाता है।
– उन्होंने बॉलीवुड की सिलसिला, लम्हें और चांदनी जैसी बड़ी फिल्मों का म्यूजिक कंपोज किया था।

पुरस्कार
– वर्ष 1986: संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
– वर्ष 1991: पदमश्री
– वर्ष 2001: पदम विभूषण

————–
4. किस जिले में स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग हेडक्वार्टर पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से हमला हुआ?

a. मोहाली
b. गुरदासपुर
c. बठिंडा
d. अमृतसर

Answer: a. मोहाली

– यह हमला 09 मई 2022 को हुआ।
– धमाके के कारण बिल्डिंग के शीशे टूट गए।
– हालांकि पुलिस के अनुसार इससे किसी भी प्रकार की हानि नहीं हुई है।
– हमले से जान माल का भी कोई नुकसान नहीं हुआ है।
– पुलिस का कहना है कि यह माइनर एक्‍सप्‍लोजन था।
– इस हमले की जांच की जा रही है।

रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG)
– रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से किसी भी टैंक, बख्तरबंद गाड़ी, हेलिकॉप्टर या विमान को उड़ाया जा सकता है।
– RPG एक मिसाइल हथियार है जो विस्फोटक वारहेड से लैस रॉकेट लॉन्च करता है।

पंजाब
CM – भगवंत मान
गवर्नर – बनवारी लाल पुरोहित
राजधानी – चंडीगढ़

————–
5. दिवंगत दानिश सिद्दिकी के साथ किन भारतीयों ने वर्ष 2022 का ‘पुलित्‍जर पुरस्‍कार’ जीता?

a. अदनान अबिदी
b. सना इदशाद मट्टू
c. अमित दवे
d. उपरोक्त सभी

Answer: d. उपरोक्त सभी

– दिवंगत दानिश सिद्दिकी और यह तीनों पत्रकार (अदनान अबिदी, सना इदशाद मट्टू और अमित दवे) न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स से जुड़े हैं।
– यह अवॉर्ड उन्‍हें भारत की कोविड-19 स्थिति को दर्शाने वाले फोटोग्राफ के लिए दिया गया है।
– 10 मई 2022 को पुलित्‍जर पुरस्‍कारों की घोषणा हुई।

दिवंगत दानिश सिद्दिकी
– सिद्दिकी को यह पुरस्कार दूसरी बार मिला है।
– उन्‍हें वर्ष 2018 में फीचर फोटोग्राफी के लिए पुलित्‍जर पुरस्‍कार मिला।
– इस श्रेणी में यह पुरस्‍कार जीतने वाले वह पहले भारतीय थे।
– उस वक्‍त पुलित्‍जर अवॉर्ड, उन्‍हें रोहिंग्‍या रिफ्यूजी क्राइसिस के फोटोग्राफ के लिए अपने साथी अदनान अबिदी के साथ मिला था।
– वर्ष 2022 में दूसरी बार दानिश सिद्दिकी को यह अवॉर्ड मिला।
– इस बार का अवॉर्ड कोविड-19 से जुड़े फोटोग्राफ के लिए मिला है।
– दरअसल, वर्ष 2021 में कोविड-19 के सेकेंड वेव के दौरान उनकी तस्‍वीरों ने दुनियाभर के लोगों को झकझोरकर रख दिया था।
– वर्ष 2021 में सिद्दीकी अफगानिस्तान में एक असाइन्मन्ट पर थे, तब उनकी मृत्यु हो गई।
– वह जुलाई 2021 में कंधार शहर के स्पिन बोल्डक जिले में अफगान आर्मी और तालिबान के संघर्ष को कवर कर रहे थे।
– इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी।

क्‍या है पुलित्‍जर पुरस्‍कार?
– पुलित्जर पुरस्कार की शुरुआत 1917 में की गई थी।
– यह अमेरिका का एक प्रमुख पुरस्कार है, जो हर साल 21 श्रेणियों में समाचार पत्रों, पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत के क्षेत्र में कार्य करने वालों को दिया जाता है।
– इसके तहत विजेता को एक प्रमाण पत्र और 15,000 डॉलर का नकद पुरस्कार दिया जाता है।

Pulitzer Prize 2022 List

Awa

BOOKS, DRAMA & MUSIC

—————-
6. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किस IIM के नए स्थायी परिसर का उद्घाटन मई 2022 में किया?

a. आईआईएम, नागपुर
b. आईआईएम, बैंगलोर
c. आईआईएम, इंदौर
d. आईआईएम, रांची

Answer: a. आईआईएम, नागपुर

– राष्ट्रपति कोविंद ने 08 मई 2022 को आईआईएम, नागपुर के नए स्थायी परिसर का उद्घाटन किया।
– आईआईएम (इंडियन इन्स्टिटूट ऑफ मैनिज्मन्ट)

महाराष्‍ट्र
सीएम – उद्धव ठाकरे
गवर्नर – भगत सिंह कोश्‍यारी
राजधानी – मुंबई

—————-
7. किस धावक ने 5000 मीटर रेस में 30 वर्ष पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा?

a. बहादुर प्रसाद
b. अविनाश साब्ले
c. जिनसन जॉनसन
d. श्रीराम सिंह

Answer: b. अविनाश साब्ले

– उन्होंने यह रिकॉर्ड साउंड रनिंग ट्रैक मीट में पुरूषों के 5000 मीटर वर्ग में तोड़ा।
– यह आयोजन अमेरिका के सैन जून कैपिस्ट्रानो में 06 मई 2022 को हुआ।
– साब्ले ने 13 मिनट 25.65 सेकंड का समय में यह रेस पूरी की।
– इससे उन्होंने भारतीय धावक बहादुर प्रसाद के 13 मिनट 29.70 के नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ा, जो उन्होंने 1992 में बर्मिंघम में बनाया था।
– साब्ले साउंड रनिंग ट्रैक मीट में 12वें स्थान पर रहे।

अविनाश साब्ले
– वह महाराष्‍ट्र के रहने वाले हैं।
– इंडियन आर्मी के महार रेजिमेंट में सिपाही हैं।
– अविनाश के नाम 3000 मीटर स्टीपलचेस का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
– उनके नाम हाफ मैराथन (21 . 0975 किलोमीटर) का भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
– यह रिकॉर्ड उन्होंने 2020 में एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन में बनाया था।
– साब्ले अमेरिका के यूजीन में 15 से 24 जुलाई तक होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई भी कर चुके हैं।

साउंड रनिंग ट्रैक मीट
– साउंड रनिंग ट्रैक मीट एक विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर है।

————–
8. फाइजर (Pfizer) ने एशिया के पहले ग्लोबल ड्रग डेवलपमेंट सेन्टर का उद्घाटन भारत के किस शहर में किया?

a. दिल्ली
b. मुंबई
c. चेन्नई
d. पटना

Answer: c. चेन्नई

– फार्मास्यूटिकल कंपनी फाइजर ने चेन्नई (तमिलनाडु) में आईआईटी मद्रास के रिसर्च पार्क कैंपस में 04 मई 2022 को ग्लोबल ड्रग डेवलपमेंट सेन्टर का उद्घाटन किया।
– यह फाइजर का एशिया में पहला ग्लोबल ड्रग डेवलपमेंट सेन्टर है।
– 150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित यह सेन्टर 61,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है।
– इसमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ दस प्रयोगशालाएं (लैब) शामिल हैं।

ग्लोबल ड्रग डेवलपमेंट सेन्टर क्या करेगा?
– यह सेन्टर जो दुनिया में फाइजर के ऐसे 12 सेन्टर्स में से एक है।
– यह सेन्टर प्रोडक्ट्स को डेवलप करेगा।
– सेन्टर ग्लोबल मार्केट्स के लिए छोटे मोल्यूक्यूल्स, इनोवेटिव फॉर्मुलेशंस और एक्टिव फार्मास्यूटिकल पदार्थों को डेवलप करेगा।
– यह सेन्टर भारत में विश्व के लिए रिसर्च करेगा।
– सेन्टर 250 से अधिक वैज्ञानिकों और अन्य प्रोफेशनल्स को रोजगार देगा।

तमिलनाडु
सीएम – एमके स्‍टालिन
गवर्नर – आरएन रवि
राजधानी – चेन्‍नई

—————
9. दक्षिण कोरिया के नए राष्‍ट्रपति कौन बने?

a. यूं सुक-योल
b. मून जे-इन
c. हवांग क्‍यो-अहन
d. पार्क जुयून-हेय

Answer: a. यूं सुक-योल (Yoon Seok-youl)

– वह दक्षिण कोरिया के 13वें राष्‍ट्रपति बने।

दक्षिण कोरिया
– राजधानी: सियोल
– मुद्रा: दक्षिण कोरियाई वोन
– ऑफीशियन लैंग्‍वेज : कोनियन

—————-
10. किस राज्‍य सरकार ने ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0’ लॉन्‍च की?

a. बिहार
b. झारखंड
c. राजस्‍थान
d. मध्‍य प्रदेश

Answer: d. मध्‍य प्रदेश

– मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘लाडली लक्ष्मी योजना (लाड़ली लक्ष्मी योजना-2.0)’ के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
– यह योजना बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक पहल है।

मध्य प्रदेश
राजधानी: भोपाल
राज्यपाल: मंगूभाई सी. पटेल
मुख्यमंत्री: शिवराज सिंह चौहान