11th & 12th April Current Affairs 2022 Current Affairs

11th & 12th April Current Affairs 2022

Spread the love

यह 11 & 12 April 2022 का करेंट अफेयर्स है, जो आपके कांपटीटिव एग्‍जाम्‍स में मदद करेगा। इसका PDF Download Link इस पेज के लास्‍ट में मौजूद है। Current Affairs PDF आप इस पेज के आखिरी हिस्‍से से Free में डाउनलोड करें।    

1. पाकिस्‍तान के 23वें प्रधानमंत्री कौन बनें?

a. नवाज शरीफ
b. इमरान खान
c. शाहबाज शरीफ
d. रमीज रजा

Answer: c. शाहबाज शरीफ

– पाकिस्‍तान की नेशनल एसेंबली (संसद) ने शहबाज शरीफ को नया प्रधानमंत्री चुन लिया।
– वह पाकिस्‍तान के 23 वें प्रधानमंत्री बन गए।
– दूसरी ओर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सभी सांसदों ने संसद की सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

कौन हैं शहबाज शरीफ?
– शहबाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं।
– वर्ष 2018 में हुए आम चुनाव में पीएमएल-एन ने शहबाज को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया था।
– शहबाज तीन बार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सीएम रह चुके हैं।
– उनका पुश्‍तैनी गांव भारतीय राज्‍य पंजाब में है।
– आजादी से पहले शहबाज शरीफ व नवाज शरीफ का परिवार ‘जाती उमरा गांव’ में रहता था।
– इस गांव में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पढ़-दादा मियां मोहम्मद बख्श की कब्र है।

शहबाज शरीफ का भारत को लेकर नजरिया
– अप्रैल 2018 में एक चुनावी रैली में शहबाज शरीफ ने कहा था- हमारा खून खौल रहा है। कश्मीर को हम पाकिस्तान का हिस्सा बनाकर रहेंगे।
– उनका ये बयान इस ओर इशारा करता है कि कश्मीर को लेकर उनका रवैया अच्छा नहीं है।

भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं शहबाज
– वे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
– शहबाज शरीफ भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। वे अक्सर पाकिस्तानी पंजाब और भारतीय पंजाब के साथ मिलकर काम करने की बात करते रहे हैं।

—————

2. दुनिया में पहली बार किस प्राइवेट ऐरोस्पेस कंपनी ने स्पेस टूरिज्म मिशन के जरिए तीन अमीर बिजनेसमैन को ISS भेजा?

a. बोइंग
b. स्पेसएक्स
c. ब्लू ओरिजिन
d. बिगेलो एयरोस्पेस

Answer b. स्पेसएक्स

– स्पेसएक्स ने स्पेस 08 अप्रैल 2022 को टूरिज्म मिशन लॉन्‍च किया।
– इस मिशन के जरिए तीन अमीर बिजनेसमैन (non-astronaut) और उनके साथ एक एस्ट्रोनोट को अंतरिक्ष में भेजा गया।
– यह चारो एक हफ्ते से अधिक समय के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में रहेंगे।
– स्पेस स्टेशन के लिए चार मेंबर्स वाले क्रू ने स्पेस एक्स के फॉल्कन 9 रॉकेट में उड़ान भरी।
– यह स्पेसएक्स की पहली प्राइवेट चार्टर फ्लाइट है।
– इस अंतरिक्ष सैर के लिए स्पेस एजेंसी नासा, स्टार्ट अप कंपनी एक्सिओम और स्पेसएक्स ने तीन-तरफा साझेदारी की है।

कौन है यह तीन अमीर टूरिस्ट?
– पहले है अमेरिका के लैरी कॉनर जो रियल इस्टेट इन्वेस्टमेंट कंपनी कॉनर ग्रुप के हैड हैं।
– दूसरे है कनाडा के मार्क पैथी जो इन्वेस्टमेंट कंपनी मैवरिक के फाउंडर और सीईओ हैं।
– तीसरे है इजरायल के एयटन स्टिब्बे जो एक बहुत बड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनी के फाउडिंग पार्टनर हैं।

अंतरिक्ष सैर के लिए कितने डॉलर देने पड़े?
– इन तीन टूरिस्ट्स को अंतरिक्ष की सैर करने के लिए 55-55 मिलियन डॉलर (करीब 417 करोड़ रुपए) देने पड़े।

स्पेस टूरिज्म
– आम मनुष्यों के द्वारा अंतरिक्ष की यात्रा को स्पेस टूरिज्म कहते है।
– स्पेस टूरिज्म में कई अलग-अलग प्रकार के अंतरिक्ष पर्यटन हैं, जिनमें कक्षीय, उपकक्षीय और चंद्र अंतरिक्ष पर्यटन शामिल हैं।
– स्पेस टूरिज्म की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में रूसी कंपनी मिरकॉर्प और अमेरिकी कंपनी स्पेस एडवेंचर्स लिमिटेड के बीच एक डील के साथ हुआ।

स्पेसएक्स का यह टूरिज्म मिशन स्पेस टूरिज्म को बढ़ावा देगा
– स्पेसएक्स का यह टूरिज्म मिशन दूसरी ऐरोस्पेस कंपनियों को स्पेस टूरिज्म के लिए प्रोत्साहित करेगा।
– एक्सिओम भी स्पेस स्टेशन में अगले वर्ष के लिए अपनी दूसरी प्राइवेट फ्लाइट को टारेगट कर रहा है।

स्‍पेस एक्‍स
– संस्‍थापक : एलन मस्‍क
– स्पेसएक्स कंपनी की स्थापना 2002 में की गई थी। इसका मकसद अंतरिक्ष में ट्रांसपोर्टेशन की लागत को कम करना है। साथ ही मंगल ग्रह पर इंसानी बस्तियां बनाना भी है।

—————
3. RBI ने बिना कार्ड के ATMs से कैश निकालने के लिए किस नई सुविधा को प्रस्तावित किया?

a. UPI
b. न्यू ट्रांजैक्शन
c. ब्लॉकचैन
d. इनमें से कोई नही

Answer a. UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस )

– रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 08 अप्रैल, 2022 को अपनी मोनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में UPI के माध्यम से सभी एटीएम (चाहे बैंक कोई भी हो) पर कार्डलेस (बिना कार्ड के) कैश निकालने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है।
– यह घोषणा RBI के गर्वनर शक्तिकांत दास ने की।
– अभी इस प्रकार की सुविधा कुछ बैंको में ही उपलब्ध है।

UPI के माध्यम से कैश ट्रांजेक्शन कैसे होगा?
– इंडियन एक्सप्रैस के अनुसार जल्द ही ATMs में UPI से कैश निकालने के लिए एक ऑप्शन दिया जायेगा।
– इस ऑप्शन को सेलेक्ट करने पर एक यूजर को वह राशि भरनी होगी जो वह निकालना चाहता है।
– इसके बाद ATM में QR कोड जनरेट होगा।
– फिर यूजर को UPI ऐप से इस QR कोड स्कैन करना होगा और पिन डालना होगा।
– इसके बाद ATM से कैश निकलेगा।

एटीएम से कार्डलेस कैश निकालने के मौजूदा तरीके क्या हैं?
– फिलहाल, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे कुछ बैंक अपने यूजर्स को बिना कार्ड के अपने एटीएम से कैश निकालने की अनुमति देते हैं।
– यूजर्स को इसके लिए अपने संबंधित बैंकों के ऐप इंस्टॉल करने पड़ते है।
– इसके बाद कैश निकलता है।
– इतने लंबे प्रोसेस से गुजरने के बाद भी कैश निकालने की लिमिट है।
– इस तरह की निकासी के लिए ट्रांजैक्शन की सर्विस फीस भी देनी पड़ती है।

डेबिड कार्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
– वर्तमान में देश में 900 मिलियन से अधिक डेबिट कार्ड हैं, और विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि UPI के माध्यम से नकद निकासी की अनुमति देने से डेबिट कार्ड के उपयोग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
– इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार डेबिट कार्ड पर संभावित फर्स्ट ऑर्डर इम्पेक्ट हो सकता है क्योंकि UPI के आने से डेबिट कार्ड के उपयोग की आवश्यकता कम हो जाएगी।
– UPI के हर जगह होने से क्रेडिट कार्ड और वॉलेट जैसे अन्य भुगतान सुविधाओं पर संभावित सेकेण्ड ऑर्डर इम्पेक्ट हो सकता है।

UPI में आगे और क्या है?
– यह अनुमान है कि अगले 3-5 वर्षों में, UPI एक दिन में एक बिलियन ट्रांजैक्शन करेगा।
– ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल शुरू की गई हैं।
– इनमें से प्रमुख है UPI का ऑटोपे फीचर, जिसे अपनाया जाना बढ़ गया है।
– आरबीआई ने बिना इंटरनेट कनेक्शन वाले फीचर फोन पर भी यूपीआई की घोषणा की है।
– इससे 40 करोड़ से अधिक व्यक्तियों के लिए पैमेंट सिस्टम खुलने की उम्मीद है, जो इस फीचर फोन का प्रयोग करते है।

फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन में आत्‍मनिर्भर बनने की कोशिश
– दरअसल, रूस से जिस तरह से अमेरिकी फाइनेंशियल कंपनियों को काम काज बंद किया है, उससे दुनिया के देशों को खतरा महसूस हुआ है।
– वीजा और मास्‍टर कार्ड अमेरिकन कंपनियां हैं।
– भारत सहित ज्‍यादातर देशों में डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड का ज्‍यादातर हिस्‍सा इन्‍हीं कंपनियों का है।
– ऐसे में यूपीआई और रुपे कार्ड इस मामले में आत्‍म निर्भर बनने का बड़ा तरीका है।
– यूपीआई से एटीएम ट्रांजेक्‍शन होने पर डेबिट कार्ड सेकेंड्री रह जाएगा। हमारी निर्भरता कम होगी।

– आरबीआई गर्वनर – शक्तिकांत दास
– यूपीआई कौन गवर्न करता है – NPCI (नेशनल पेमेंट्स कारपोरशन ऑफ इंडिया)
– यूपीआई को किन देशों में मान्‍यता –

————–
4. पुस्‍तक “नॉट जस्ट ए नाइटवॉचमैन: माई इनिंग्स विद बीसीसीआई (Not Just A Nightwatchman: My Innings with BCCI)” के लेखक कौन हैं?

a. राहुल गांधी
b. बिपलब देब
c. विजय कुमार
d. विनोद राय

Answer d. विनोद राय

– इस पुस्‍तक में विनोद राय ने बीसीसीआई में अपने 33 महीने के कार्यकाल के बारे में बताया है।
– विनोद राय पूर्व सीएजी हैं।
– सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वह जनवरी 2017 से सितंबर 2019 तक बीसीसीआई के ऐडमेनिस्‍ट्रेटर रह चुके हैं।

—————-
5. भारत में कोविड-19 के XE वेरिएंट का पहला मामला कहां पाया गया?

a. दिल्‍ली
b. मुंबई
c. कोलकाता
d. आगरा

Answer b. मुंबई

– नया वेरिएंट ज्‍यादा संक्रामक है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ राज्‍यों को एडवाइजरी भी जारी की है।
– इसके साथ ही कोविड वैक्‍सीन के बूस्‍टर डोज का भी ऐलान केंद्र सरकार ने किया है।

– WHO के मुताबिक ओमिक्रॉन का एक नया XE वैरिएंट आया है, जो ओमिक्रॉन के पुराने वेरिएंट से कई गुना ज्यादा तेजी से फैलने वाला है।
– हालांकि, WHO ने कहा कि जब तक इस वैरिएंट के ट्रांसमिशन में कोई खास बदलाव नहीं देखा जाता, तब तक इसे ओमिक्रॉन के वैरिएंट के तौर पर ही देखा जाएगा।

ब्रिटेन में मिला था पहला केस
– ओमिक्रॉन के XE वैरिएंट का पहला केस 19 जनवरी को ब्रिटेन में मिला था।
– तब से अब तक इस वैरिएंट के 600 से ज्यादा मामला मिल चुके हैं।
– इसके अलावा ये वैरिएंट फ्रांस, डेनमार्क और बेल्जियम में भी पाया गया है।
– ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, XE वैरिएंट कितना खतरनाक है या इस पर वैक्सीन काम करेगी या नहीं, इसके लिए अभी पर्याप्त डेटा नहीं मिला है।

—————-
6. WSF वर्ल्ड डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में किन खिलाडि़यों ने भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता?

a. दीपिका पल्लीकल कार्तिक
b. सौरव घोषाल
c. एलिसन वाटर्स
d. a और b

Answer d. a और b (दीपिका पल्लीकल कार्तिक और सौरव घोषाल)

– दोनों खिलाडि़यों की जोड़ी ने स्कॉटलैंड के ग्लासग्लो में 2022 WSF वर्ल्ड डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में मिश्रित डबल खिताब जीता।
– WSF वर्ल्ड डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत के लिए यह पहला स्वर्ण पदक है, जिसे देश ने इससे पहले कभी नहीं जीता था।

—————-
7. थाईलैंड ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट 2022 में भारतीय खिलाडि़यों ने 3 गोल्‍ड सहित कुल कितने मेडल जीते?

a. 5
b. 8
c. 10
d. 12

Answer c. 10

स्वर्ण
– गोविंद साहनी (48 किग्रा)
– अनंत प्रल्हाद चोपडे (54 किग्रा)
– सुमित (75 किग्रा)

रजत
– अमित पंघाल (52 किग्रा)
– मोनिका (48 किग्रा)
– वरिंदर सिंह (60 किग्रा)
– आशीष कुमार (81 किग्रा)

कांस्य
– मनीषा (57 किग्रा)
– पूजा (69 किग्रा)
– भाग्यबती कचारी (75 किग्रा)

—————
8. विश्व होम्योपैथी दिवस कब मनाया जाता है?

a. 10 अप्रैल
b. 11 अप्रैल
c. 12 अप्रैल
d. 13 अप्रैल

Answer a. 10 अप्रैल

– इसी दिन 10 अप्रैल 1755 को होम्‍योपैथी दवा पद्धति के आविष्‍कारक डॉ. क्रिश्चियन फ्राइडरिक सैम्यूल हैनीमेन (Christian Friedrich Samuel Hahnemann) का जन्‍म हुआ था।
– उनकी जयंती के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है।

—————-
9. इंडियन नेवी ने भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत पर तैनाती के लिए किस फाइटर जेट का ट्रायल करने का फैसला किया?

a. एफ-18 सुपर हॉर्नेट
b. कैनेडायर सब्रे
c. F-86 सब्रे
d. F-100 सुपर सब्रे

Answer a. एफ-18 सुपर हॉर्नेट

– इंडियन नेवी मई 2022 में गोवा में INS हंसा के तटीय टेस्ट सेंटर पर बोइंग के दो एफ-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर्स का परीक्षण करेगी।
– अगर परीक्षण सफल रहा तो इन विमानों की तैनाती आईएनएस विक्रांत पर हो सकती है।
– हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार यह परीक्षण 21 मई के आसपास किया जायेगा।

एफ-18 सुपर हॉर्नेट
– एफ-18 को मौजूदा 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में बेहतरीन माना जाता है।
– एफ-18 में मल्टी रोल स्ट्राइक लड़ाकू क्षमता है।
– सुपर हॉर्नेट के दो वर्जन – सिंगल-सीट ई मॉडल और टू-सीट एफ मॉडल दोनों ही वर्चुअली प्रयोग किए जा सकते है।
– एफ-18 की स्पीड मच 1.6 है।
– जून 2001 में गठित पहला एफ/ए-18 ई/एफ सुपर हॉर्नेट स्क्वाड्रन जुलाई 2002 में यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन 72) पर युद्ध में तैनात किया गया।

एयरक्राफ्ट कॅरियर क्‍या होता है?
– इसमें बहुत सारे फाइटर प्‍लेन और हेलीकॉप्‍टर रखे जा सकते हैं।
– इसमें हवाई पट्टी होती है, जिससे फाइटर प्‍लेन उड़ते और उतरते हैं।
– दुश्‍मन के लिए यह बहुत खतरनाक होता है, क्‍योंकि समुद्र के साथ-साथ आसमान से भी इलाके पर नजर रहती है और दुश्‍मन को दूर से ही तबाह किया जा सकता है।
– नया वाला INS विक्रांत विशालकाय है।
– इसकी लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपया है।
– लंबाई 860 फीट, चौड़ाई 203 फीट है।
– इसका डेक ढ़ाई एकड़ बड़ा है। मतलब 1,10,000 स्‍क्‍वायर फीट।
– इसमें टरबाइन है, जो एक लाख 10 हजार हॉर्स पावर की ताकत देते हैं।
– इसमें 30 फाइटर प्‍लेन तैनात होंगे।
– लंबी दूरी की मिसाइल भी लगेंगी।
– यह एयरक्राफ्ट कॅरियर 52 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकता है।
– एक बार में 15 हजार किलोमीटर जा सकता है।
– 1500 कर्मचारी इसमें रह सकेंगे।

विक्रांत नाम क्‍यों?
– यह नाम आपने पहले भी सुना होगा, तो जान लीजिए कि इससे पहले भी INS विक्रांत नाम से विशालकाय एयरक्राफ्ट कॅरियर था।
– पुराना वाला INS विक्रांत ब्रिटिश मेड (यूनाइटेड किंगडम में बना) था।
– वह वर्ष 1945 में बनकर अधूरा तैयार हुआ था। उस वक्‍त नाम था हरक्‍यूलस।
– इसके बाद वर्ष 1957 में इंडिया ने खरीद लिया था। यह भारत का पहला एयरक्राफ्ट कॅरियर था।
– इंडिया ने इसका नाम INS विक्रांत रखा। इसका शानदार इतिहास है।

पुराने INS विक्रांत का इतिहास
– 1971 के इंडिया-पाकिस्‍तान वॉर में INS विक्रांत ने कई जहाजों के साथ मिलकर पूर्वी पाकिस्‍तान (अब बांग्‍लादेश) को घेरकर रखा हुआ था।
– इसने पाकिस्‍तान के किसी भी जहाज और सबमरीन (पनडुब्‍बी) पूर्वी पाकिस्‍तान तक पहुंचने के रास्‍ते बंद कर दिए थे। तो वहां की फौज को सपोर्ट मिलना एक तरह से बंद हो गया था।

– पुराने वाले INS विक्रांत को 31 जनवरी 1997 में नेवी ने डीकमीशन (रिटायर) कर दिया था।
– इसके बाद इसे मुंबई में म्‍यूजियम और ट्रेनिंग शिप बना दिया गया था।
– वर्ष 2001 में आम लोगों के लिए खोला गया।
– लेकिन इसके बाद वर्ष 2012 में इसकी उम्र की वजह से अनसेफ पाया गया।
– इसके बाद वर्ष 2014 में INS विक्रांत को स्‍क्रैपिंग के लिए भेज दिया गया। इसे एक स्‍क्रैप कंपनी ने 60 करोड़ रुपए में खरीदा। बाद में इसे नष्‍ट कर दिया गया।

वर्ष 2021 में भारत के पास कितने एयरक्राफ्ट कॅरियर ऑपरेशनल हैं?
– भारत के पास मात्र एक एयरक्राफ्ट कॅरियर (विमानवाहक पोत) है। नाम है INS विक्रमादित्‍य।
– यह रशियन मेड (निर्मित) है। वर्ष 1982 में रूस ने लांच किया था।
– बाद में 2004 में भारत ने खरीदा और इसमें मामूली फेरबदल करवाकर 2013 में इंडियन नेवी में कमीशन किया गया।
– लेकिन भारत को कम से कम तीन एयरक्राफ्ट कॅरियर की जरूरत है। एक ईस्‍टर्न कमांड में, दूसरा वेस्‍टर्न कमांड के लिए और तीसरा रिजर्व के लिए।
– कुछ वक्‍त पहले भारत के पास एयरक्राफ्ट कॅरियर INS विराट भी था, लेकिन इसे वर्ष 2017 में डीकमीशन (रिटायर) कर दिया गया।
– वर्ष 2022 में कमिशन होने के बाद INS विक्रांत दूसरा एयरक्राफ्ट कॅरियर होगा।
– तीसरे एयरक्राफ्ट कॅरियर INS विशाल के निर्माण की प्‍लानिंग हो रही है। यह 2030 तक बनकर तैयार होगा।

क्‍यों जरूरी है ज्‍यादा एयरक्राफ्ट कॅरियर
– बड़ी वजह चीन है। चीन लगातार दुनिया में हावी होने की कोशिश कर रहा है।
– हिन्‍द महासागर में भी वह घुस रहा है। बांग्‍लादेश के साथ नौसैनिक समझौते किए हैं। उसे पनडुब्‍बी दे रहा है।
– मालदीव सरकार के साथ समझौते किए हैं और द्वीप भी किराए पर दे दिया है।
– खबर है कि इसका उपयोग चीन नेवी के सपोर्ट के लिए कर रहा है।
– इधर, मलक्‍का की खाड़ी में चाइनीज नेवी की मौजूदगी देखी जाती है।
– भारत को बड़े समुद्री इलाके में नजर रखने के लिए कई एयरक्राफ्ट कॅरियर की जरूरत है।
– एयरक्राफ्ट कॅरियर होने से आसमान से बहुत अच्‍छी तरह से समुद्र की निगरानी हो जाती है।

INS विक्रांत (नया)
– भारत सरकार ने स्‍वदेशी एयरक्राफ्ट कॅरियर प्रोजेक्‍ट को वर्ष 2002 में मंजूरी दी थी।
– बाद में वर्ष 2007 में इसके कांट्रैक्‍ट साइन हुए।
– कोचिन शिपयार्ड में इस पर फरवरी 2009 में काम शुरू हुआ।
– इसके बाद अगस्‍त 2013 में यह लांच हुआ। मतलब समुद्र में इसका स्‍ट्रक्‍चर रखा गया।
– इसके बाद से निर्माण कार्य जारी है। अब यह आखिरी चरण में है।
– यह अब बनकर तैयार हो चुका है।
– इसको 15 अगस्त 2022 को नेवी को कमीशन किया जा सकता है।

—————-
10. संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) के नए चेयरमैन कौन बनें?

a. प्रदीप कुमार
b. पंकज विशेष
c. राजन त्रिपाठी
d. डॉ मनोज सोनी

Answer: d. डॉ मनोज सोनी

– इससे पहले मनोज सोनी ने तीन कार्यकालों तक कुलपति (Vice-Chancellor) रह चुके हैं।
– डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर मुक्त विश्वविद्यालय और महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा (MSU बड़ौदा) के कुलपति का काम कर चुके हैं।

कार्यकाल
– छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक।

नियुक्ति
– अनुच्छेद- 316 के अनुसार लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति – संघ आयोग या संयुक्त आयोग के मामले में – राष्ट्रपति द्वारा और राज्य आयोग के मामले में – राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।

पुनर्नियुक्ति:
– कोई व्यक्ति जो लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में पद धारण करता है, अपनी पदावधि की समाप्ति पर उस पद पर पुनर्नियुक्ति का पात्र नहीं होगा।

पद से हटाने का प्रावधान
लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष या किसी अन्य सदस्य को राष्ट्रपति के आदेश से केवल कदाचार के आधार पर उसके पद से हटाया जाएगा।

 


Free Download Notes PDF of Toady’s Current Affairs : – Click Here